
नवदुर्गा · अष्टम रूप
महागौरीMahagauri
शांति और क्षमा की तेजस्वी श्वेतवर्णा देवी, अष्टम दिन पूजित।
ॐ देवी महागौर्यै नमःमहागौरी की कथा
महागौरी अपनी दीर्घ तपस्या के पश्चात चमकती शुद्ध श्वेत आभा में लौटी देवी हैं, चंद्रमा-सी शांत और तेजोमयी, श्वेत वृषभ पर सवार, शांति और क्षमा प्रदान करती हुई।
वे उग्र रातों के पश्चात की शांति हैं, माता की पवित्रता और कृपा, नवरात्रि के अष्टम दिन पूजित।
अर्थ
महागौरी पवित्रता, शांति और जगजननी की उस निर्मल कृपा का प्रतीक हैं जो अपने भक्तों के दुःख धो देती है। वे शांति से आशीषित करती हैं, और उनकी पूजा क्षमा तथा भीतरी स्पष्टता लाती है।
भक्ति आँगन ऐप प्रतिदिन एक नया दर्शन, सरल मंत्र, जप गणक और पंचांग लेकर आता है, अब App Store पर उपलब्ध। Android पर हैं? प्रतीक्षा सूची में शामिल हों।
यह कथा आगे बढ़ाइए 🙏
कथा बाँटना भी सेवा है। जिसे आज इस आशीर्वाद की ज़रूरत है, उसे भेजिए।