आने वाला वर्ष · 2026
हिंदू त्योहार कैलेंडर2026
2026 के सभी प्रमुख हिंदू त्योहार, महीने-दर-महीने, उनकी तिथि, महत्व और संबंधित देवता के साथ। तिथियां भारत (IST) के लिए हैं: भारत के बाहर कुछ तिथि एवं चंद्रोदय आधारित त्योहार एक दिन आगे-पीछे पड़ते हैं, अतः विदेश में भक्त अपना स्थानीय पंचांग या भक्ति आँगन ऐप देखें।
जनवरी 2026
सूर्य उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। पवित्र स्नान, पतंग और फसल का पर्व, जिसे पोंगल और लोहड़ी भी कहते हैं।
वसंत ऋतु का पहला दिन, विद्या, संगीत और वाणी की देवी सरस्वती को समर्पित।
फरवरी 2026
शिव की महान रात्रि, उपवास, ॐ नमः शिवाय के जाप और रात्रि जागरण के साथ मनाई जाती है।
मार्च 2026
होली की पूर्व संध्या का अलाव, जब भक्ति अग्नि से भी बड़ी सिद्ध होती है और बुराई भस्म होती है।
रंगों का पर्व, राधा और कृष्ण का, वसंत और क्षमा का उत्सव।
वसंत की नौ रातें, माँ दुर्गा को समर्पित। इसी दिन उगादी और गुड़ी पड़वा, दक्षिण और महाराष्ट्र का नववर्ष भी होता है।
भगवान श्री राम का जन्मोत्सव, चैत्र नवरात्रि का नवम दिन।
अप्रैल 2026
हनुमान जी का जन्मोत्सव, उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है।
एक अक्षय शुभ दिन जिसका पुण्य कभी क्षीण नहीं होता, नए आरंभ और स्वर्ण खरीदने के लिए श्रेष्ठ।
मई 2026
सुहागिनें व्रत रखकर वट वृक्ष की परिक्रमा और रक्षा सूत्र बांधती हैं, सावित्री की स्मृति में, जिनकी निष्ठा ने यमराज से भी पति के प्राण लौटा लिए।
सूर्य पुत्र और कर्मफलदाता शनि देव का जन्मोत्सव, तेल, काले तिल और शनि कृपा की प्रार्थना के साथ।
चंद्र वर्ष का दुर्लभ अतिरिक्त मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं, विष्णु को समर्पित। जप, दान और कथा-पाठ के साथ 15 जून तक चलता है।
स्वर्ग से पृथ्वी पर मां गंगा के अवतरण का पर्व, घाटों पर स्नान और आरती के साथ, दस पापों का हरण करने वाले दस दिन।
जून 2026
सभी एकादशियों में सबसे कठोर व्रत, जल तक ग्रहण किए बिना, जिसका फल वर्ष की चौबीसों एकादशियों के बराबर माना जाता है।
जुलाई 2026
पुरी की रथ यात्रा, जब भगवान जगन्नाथ स्वयं जनसमूह के बीच पधारते हैं।
गुरु को नमन का पूर्णिमा पर्व, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
अगस्त 2026
पवित्र श्रावण मास के सोमवार, शिव आराधना के सर्वाधिक प्रिय दिन।
श्रावण की हरी तीज, शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का उत्सव, झूलों, मेहंदी और सावन के गीतों के साथ।
नाग देवताओं की पूजा, जो शिव के आभूषण और धरती के रक्षक हैं।
श्रावण पूर्णिमा पर भाई-बहन के बीच बंधा रक्षा का सूत्र।
सितंबर 2026
भगवान श्री कृष्ण का मध्यरात्रि जन्मोत्सव, उपवास, झांकी और दही हांडी के साथ।
विघ्नहर्ता गणेश का जन्मोत्सव, दस दिनों तक घर-घर विराजते बप्पा।
श्री राधा रानी का प्राकट्य दिवस, कृष्ण भक्ति का हृदय, बरसाना और समस्त ब्रज में विशेष श्रद्धा से मनाया जाता है।
विष्णु का अनंत व्रत और गणेश विसर्जन का दिन, गणपति बप्पा की विदाई।
अक्टूबर 2026
शरद ऋतु की नौ महारातें, घटस्थापना से विजयादशमी तक माँ दुर्गा की आराधना।
नवरात्रि की अष्टमी और नवमी, कन्या पूजन और दुर्गा उपासना का शिखर।
राम की रावण पर और देवी की महिषासुर पर विजय, असत्य पर सत्य का पर्व।
वर्ष की सबसे उज्ज्वल पूर्णिमा, श्री कृष्ण की महारास की रात, जब चांदनी में खीर रखकर अमृत वर्षा का प्रसाद बनता है।
पति की दीर्घायु और कुशलता के लिए रखा जाने वाला निर्जला व्रत, चंद्रोदय तक।
नवंबर 2026
माताएं भोर से तारों के दर्शन तक व्रत रखती हैं, संतान की दीर्घायु और मंगल के लिए अहोई माता से प्रार्थना करते हुए।
दिवाली का पहला दिन, धन्वंतरि और लक्ष्मी को समर्पित, धन और आरोग्य के स्वागत का पर्व।
दिवाली से पूर्व दीपदान की संध्या, जो अनेक घरों में छोटी दिवाली है: नकारात्मकता के विरुद्ध दीप, तथा गुजरात और उत्तर भारत में मां काली और हनुमान की पूजा।
श्री कृष्ण की नरकासुर पर विजय, दिवाली की पूर्व संध्या।
दीपों का महापर्व, राम का अयोध्या आगमन और लक्ष्मी-गणेश की पूजा।
श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति, अन्नकूट के भोग के साथ।
भाई-बहन के स्नेह का पर्व, जो दिवाली के पांच दिनों का समापन करता है।
सूर्य देव और छठी मैया की चार दिवसीय आराधना, नदी तट पर उषा और संध्या अर्घ्य के साथ।
भगवान विष्णु चातुर्मास की चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, और वर्ष की विवाह ऋतु आरंभ होती है।
तुलसी देवी का शालिग्राम, विष्णु के स्वरूप, से पावन विवाह, आंगन में तुलसी को दुल्हन की तरह सजाकर मनाया जाता है।
कार्तिक की पूर्णिमा, जब देवता काशी के घाटों पर अपनी दिवाली मनाते हैं।
दिसंबर 2026
श्री राम और माता सीता का विवाहोत्सव, अयोध्या और जनकपुर में भव्यता से मनाया जाता है।
वह दिन जब श्री कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया, मोक्षदा एकादशी को।
पूजा या व्रत की तैयारी?
दैनिक पंचांग किसी भी तिथि और नगर के लिए तिथि, नक्षत्र, राहु काल और शुभ मुहूर्त बताता है।
सामान्य प्रश्न
2026 में होली कब है?
होली 4 मार्च 2026 को है, और होलिका दहन 3 मार्च 2026 की संध्या को।
2026 में दिवाली कब है?
दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 8 नवंबर 2026 को है। पांच दिन 6 नवंबर 2026 के धनतेरस से 11 नवंबर 2026 के भाई दूज तक चलते हैं।
2026 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?
स्मार्त परंपरा में जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को है। इस्कॉन और कई वैष्णव मंदिर इसे एक दिन पहले मनाते हैं।
2026 में नवरात्रि कब आरंभ होती है?
शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 को आरंभ होती है और 20 अक्टूबर 2026 के दशहरे पर समाप्त होती है। चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 को आरंभ होती है।
2026 में महाशिवरात्रि कब है?
महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को है।
कुछ त्योहारों की तिथि एक दिन क्यों बदल जाती है?
अधिकांश हिंदू त्योहार चंद्र तिथि से तय होते हैं, जो एक निश्चित क्षण पर आरंभ और समाप्त होती है और विभिन्न क्षेत्रों में अलग दिन पड़ सकती है। यहां की तिथियां नई दिल्ली के दृक पंचांग पर आधारित हैं; आपके स्थानीय पंचांग में एक दिन का अंतर हो सकता है।
और जानें
इन तिथियों के बारे मेंDates follow the Drik Panchang reckoning for New Delhi, India. Festivals set by the lunar tithi can shift by a day across regions and traditions; where a well-known second reckoning exists it is noted. 2026 is an Adhik Maas year (Adhik Jyeshtha, May 17 to Jun 15), so some Jyeshtha observances fall in late June.
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