
विष्णु का सप्तम अवतार · दशावतार
रामRama
मर्यादा पुरुषोत्तम, वह आदर्श राजा जिनका जीवन ही रामायण है।
ॐ रामाय नमःराम की कथा
अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र के रूप में जन्मे राम अपने साहस, कोमलता और अटल सत्य के लिए सबके प्रिय थे। राज्याभिषेक की पूर्व संध्या पर उन्हें अपने पिता के वचन का मान रखने हेतु चौदह वर्ष का वनवास मिला, और उन्होंने इसे बिना किसी कटुता के स्वीकार किया, अपनी भक्त पत्नी सीता और स्वामिभक्त भाई लक्ष्मण के साथ।
वन में लंका के राक्षसराज रावण ने सीता का हरण कर लिया। वीर हनुमान और वानर सेना की सहायता से राम ने सागर पार किया, और एक महान युद्ध में रावण को परास्त कर सीता को मुक्त कराया।
अयोध्या लौटकर राम का अंततः राज्याभिषेक हुआ, और उनका शासन, राम राज्य, न्याय और धर्म से युक्त राज्य का साक्षात रूप बन गया, जो सदा के लिए धर्म के स्वर्णयुग के रूप में स्मरण किया जाता है।
अर्थ
सप्तम अवतार राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, धर्म और कर्तव्य के परम पालक। उनका जीवन सिखाता है कि सच्ची महानता अपने वचन के पालन, अपने बड़ों के सम्मान और कठिनाई का धैर्य से सामना करने में है। उनका नाम, राम राम, लेना ही असंख्य घरों में एक प्रिय प्रार्थना है।
भक्ति आँगन ऐप प्रतिदिन एक नया दर्शन, सरल मंत्र, जप गणक और पंचांग लेकर आता है, अब App Store पर उपलब्ध। Android पर हैं? प्रतीक्षा सूची में शामिल हों।
यह कथा आगे बढ़ाइए 🙏
कथा बाँटना भी सेवा है। जिसे आज इस आशीर्वाद की ज़रूरत है, उसे भेजिए।